0
0.00
  • An empty cart

    You have no item in your shopping cart

वैद्य देवेंद्र बत्रा

वैद्य देवेंद्र बत्रा

सुगम चिकित्सा आयुर्वेद की आवश्यकता  – वैद्य देवेंद्र बत्रा

 इस समय करोड़ों भारतीय ऐसे हैं जिन्हें खाने पहनने को भी वक्त पर नहीं मिलता पुणे कीमती दवा डॉक्टर  की फीस तथा चिकित्सा कैसे नसीब हो सकती है ।  सुगम चिकित्सा आयुर्वेद ही गरीब भारतवासियों के स्वास्थ्य आरोग्य की रक्षा कर सकती है। बाबा राम दास जी गिरी काली कमली वाले के बताएं तथा मेरे पिताजी स्वर्गीय श्री हकीम उत्तम चंद बात्रा द्वारा प्रयोग किए गए  नुस्खे जो सब प्रकार के रोग के लिए रामबाण के समान अचूक है उनका वर्णन  भी करूंगा।  सुगम चिकित्सा यानी जो इलाज घर के आस-पास या पंसारी के पास या जंगल में मिलने वाली जड़ी बूटियों से किया जाए एवं बिना पैसे खर्च किए। सुगम चिकित्सा आयुर्वेद ग्रामीणों के लिए जीवनदान की तरह लाभ करेगी।                                                  

       मैंने और मेरे पिताजी ने गरीब लोगों को घर की वस्तुएं या जंगल की जड़ी बूटियां बता कर रोगियों का इलाज करने में सफलता पाई ।  उदाहरण के तौर पर:  एक रोगी के पैर में गंभीर चोट आई, डॉक्टरों ने उसको पैर कटवाने की सलाह दी,  वह रोगी  मेरे पिताजी के पास आया और उन्होंने उसे नीम छाल पानी के साथ पत्थर पर घिसकर दिन में तीन चार बार लगाने को बोला जिससे रोगी का पैर ठीक होना शुरू हो गया और 10 दिन के अंदर  उसका पैर का घाव भरकर ठीक हो गया। इस तरह ऐसे  कई रोगियों को सुगम चिकित्सा से लाभ मिला। आयुर्वेद को अपनाएं और अपने शरीर को स्वस्थ बनाएं। 

Need for easy medical Ayurveda by Vaidya Devendra Batra

 At this time, there are crores of Indians who do not get food ,clothes to wear  , so how they can buy expensive medicine, doctor’s fees  for their treatment. Only easy medical Ayurveda procurement can protect the health of Indians.

Baba Ram Das ji  Kali Kamli Wale and I will also describe the tips used by my father late Shri Hakim Uttam Chand Batra which is as good as panacea for all kinds of diseases.

Me and my father succeeded in treating patients by telling poor people household items or herbs of the forest. For example: a patient suffered a serious leg injury, the doctors advised him to have his leg amputated, the patient came to my father and he told him to rub it on a stone with neem bark water three to four times a day. Patient’s foot started healing and within 10 days his foot wound healed. In this way, many such patients benefited from easy treatment.

Adopt Ayurveda and make your body healthy.

There are 7 comments

  1. Poonam Sinha 4 weeks ago

    Hundreds percent correct

  2. Gulshan Lal Khera 4 weeks ago

    Ayurveda medicines are from our ancestors,these medicine have tremendous effect take live example of sanjeevni bootie ( Bhagwan Laxman just)
    Parnam Dr Davender Batra ji ko

  3. Bharti Arora 4 weeks ago

    Pranam mama ji. Mera janam bhi aapki chikitsa ka hi parinaam tha.

  4. Kamal kishore 4 weeks ago

    गुरु जी के चरणों में शत शत नमन. गुरु जी आप बाबा जी की प्रेरणा से सालो सालो लोगो की सेवा करे ओर उनके दुखों को दूर करे. गुरु जी आप अपना आशीर्वाद सब पर बनाए रखे. हम सब बाबा जी से पराथाना करते है कि बाबा जी आप को स्वस्थ जीवन ओर सुख समृद्धि का आशीर्वाद दे ताकि आप सब का कल्याण कर सके 🙏🙏

  5. Pawan kumar arora 4 weeks ago

    आयुर्वेद सर्वोत्तम चिकित्सा प्रणाली है। इस कोरोना काल मे आपका यह अभियान अवश्य ही सफल होगा।
    प्रणाम गुरु जी

  6. Rajesh Chadha 4 weeks ago

    Aurvedic treatment is best treatment.

  7. Rajesh kumar 3 weeks ago

    Guru g charan sparash.mujhe to apne bin mange hi sab kuch diya h.

Leave your thought

Login

Register | Lost your password?